Vidyarthi Mitra

VIDYARTHI MITRA SANGHARSH SAMITI

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18,079 thoughts on “Vidyarthi Mitra

  1. ss ki bharti nischit hogi.govt.abhi 20-25 din aur nikalna chahti hai posting dene ke liye.gehlot ke court ka koi matter nahi hai.apko yaad hoga ki promotion me reservation me high court ne. supreme court ne faisle diye lekin gehlot ne ek nahi mani aur reservation diya.gehlot ya to muh se bolta hi nahi aur bolta hai to karta hai.aur daily aap sun sakte ho ki vm ko ss banaya jayega aaj bhi kota me kaha hai.

  2. Harpal g s s ka ab kya ho sakta hai . bharti hogi ya fir sarkar apna time nikalegi.
    ya direct samayojit karegi.
    prabodhak barti abhi ayegi ya fir agle karyakal me.
    ya ye dono bhartiya sarkar ka chunavi fanda hah. bhrtiya nikal degi or joinig nahi degi.

  3. breaking news-kota me cm ne kaha ki sabhi vm ko ss banaya jayega.aur kaha ki jald hi court ki stay hatva li jayegi.

  4. AAJ Ramganjmandi kota me vm cm ashok gahlot ko 12:30 par gyapan denge. sabi ramganj mandi or kherabad k vm or nearest vm jalawar va chittor k vm is karya ko safal banave. rvmss rajasthan

  5. Harpal ji total sanvida kaemi kitne h pls tell me
    vm+ss abiyan teacher+ lokjumbish +teachers .madrasa teachers+anya=pls tell me

  6. Dear, Vidyarthi mitro, Saathiyo
    afvaho pe dhayan mat do jab
    sarkar ne bharti nikali hai to
    bharti jarur hogi kucch kanuni
    adchane hai jinhe dur karne ke
    paryas kiye ja rahe hai vakilo ki
    hadtal ke karan bhi deri or loss
    dono ho raha hai kyu ki thode
    dino baad aachar sahita lag
    jayegi, pardesh karaykarni c.m.
    Satar pe bat kar rahi hai jo hoga
    accha hi hoga .

  7. योग्य
    हों या अयोग्य,
    संविदा शिक्षकों के
    खाली पद तत्काल
    भरो: भारत सरकार
    के निर्देश
    नई दिल्ली।
    शिक्षकों की
    नियुक्ति के लिए
    योग्य
    उम्मीदवारों की कमी
    से जूझ रहे 13
    राज्यों को केंद्र
    सरकार ने
    कहा कि वे पूर्व में
    प्रदान की गई छूट
    के अनुरूप तय समय
    में
    शिक्षकों की भर्ती
    करें। वर्ना छूट
    की सीमा को आगे
    नहीं बढ़ाया जाएगा।
    मानव संसाधन
    विकास मंत्रालय
    का कहना है
    कि शिक्षा के
    अधिकार कानून के
    तहत योग्य शिक्षक
    नहीं मिलने पर केंद्र
    सरकार कानून
    की धारा 23
    की उपधारा-2 के
    तहत राज्यों को छूट
    दे सकती है।
    लेकिन यह छूट
    सिर्फ एक बार
    दी जा सकती है।
    हाल में एक प्रेस
    कांफ्रेस में मानव
    संसाधन विकास
    मंत्री पल्लम राजू ने
    भी बताया कि अब
    तक 13 राज्य इस
    किस्म की छूट ले
    चुके हैं। 2011 एवं
    2012 के दौरान
    ऐसी छूट दी गई थी।
    आखिरी बार 17
    अक्टूबर 2012 में
    उत्तराखंड एवं
    हिमाचल प्रदेश
    को इस प्रकार
    की छूट दी गई थी।
    उसके बाद
    किसी राज्य ने इस
    किस्म की छूट के
    लिए आवेदन
    नहीं किया था।
    मंत्रालय के अनुसार
    राज्यों ने अपनी-
    अपनी जरूरतों के
    हिसाब से अलग-
    अलग छूट
    मांगी थी जो उन्हें
    31 मार्च 2014
    और कुछ
    राज्यों को 31 मार्च
    2015 के लिए
    प्रदान की गई है।
    इसके बाद छूट खत्म
    हो जाएगी। बिहार,
    पश्चिम बंगाल,
    उड़ीसा, छत्तीसगढ़,
    मध्य प्रदेश, असोम,
    मणिपुर, नगालैंड,
    मेघालय और
    त्रिपुरा की समस्या
    एक जैसी थी। इन
    राज्यों में
    डिग्रीधारी शिक्षकों
    की कमी थी। इसलिए
    इन राज्यों को पांचवीं
    कक्षा तक के लिए
    12वीं पास और
    6-8वीं कक्षा के
    लिए ग्रेजुएट
    उम्मीदवारों को बिना
    पेशेवर कोर्स के
    शिक्षक नियुक्त
    करने की इजाजत
    दी गई।
    लेकिन ऐसे
    शिक्षकों को दो साल
    के भीतर पत्राचार के
    जरिये आवश्यक
    पेशेवर
    योग्यता हासिल
    करनी होगी।
    यूपी की स्थितिः यहां
    प्राइमरी प्रशिक्षित
    शिक्षकों-डीएड
    की कमी है,
    जबकि बीएड
    डिग्रीधारी बड़े पैमाने
    पर हैं। लेकिन
    एनसीटीई के
    नियमों के अनुसार
    बीएड
    डिग्रीधारियों को
    प्राइमरी टीचर
    नियुक्त
    नहीं किया जा
    सकता। इसलिए
    यूपी ने विशेष रूप से
    उन्हें
    प्राइमरी शिक्षक
    नियुक्त करने
    की अनुमति मांगी थी
    जो अक्टूबर में उसे
    प्रदान कर दी गई।
    अन्य राज्य
    उत्तराखंड के लिए
    भी करीब-करीब
    यही स्थिति थी।
    जबकि हिमाचल
    प्रदेश में बीएड
    की कमी है। उसने
    छह से
    आठवीं कक्षाओं के
    लिए हिन्दी एवं
    संस्कृत के गैर बीएड
    शिक्षक नियुक्त
    करने
    की अनुमति मांगी थी
    जो उसे प्रदान कर
    दी गई।
    क्या कहता है
    मंत्रालयमानव
    संसाधन विकास
    मंत्रालय ने
    कहा कि 12वीं
    योजना में
    शिक्षकों के
    प्रशिक्षण
    कार्यक्रम के
    विस्तार के लिए
    6300 करोड़ रुपये
    मंजूर किए गए हैं।
    इससे डिस्ट्रिक
    इंस्टीट्यूट ऑफ
    टीचर एजुकेशन एंड
    ट्रेनिग (डाइट),
    कालेज ऑफ टीचर
    एजुकेशन (सीटीई),
    इंस्टीट्यूट ऑफ
    एडवांस स्टडीज
    (आईएएसई)
    तथा ब्लाक
    इंस्टीट्यूट ऑफ
    टीचर एजुकेशन
    (बीआईटीई)
    की स्थापना की
    जाएगी।
    साथ ही उपरोक्त
    श्रेणियों में खुले
    मौजूदा संस्थानों को
    भी अपग्रेड
    किया जाएगा।
    ताकि बेहतर शिक्षक
    तैयार किए जा सकें।
    स्कूलों में करीब पांच
    लाख अनट्रेंड टीचर
    हैं और
    लाखों शिक्षकों की
    भर्ती होनी है।

  8. Prabodhak bharti 2013
    5000 first leval me twelve+bstc+rtet
    5000 second leval me b.a./b.sc.+b.ed.+rtet
    second leval me science maths,social science,language three subjects ki alag alag seats.
    Bonus marks 30% 3sal ke experience par vm,paratecher,lok jumbishkarmi,madarsha peratcher,shiksha karmi ko keval diya jayega.

  9. Harpalji barbodak barti me anubav kitne year ka maga jayega .Kedar me to adiktam 3 saal ka kaha gaya hai to ye bhaisab 5 saal kiu bata rahe hai

  10. Harpal ji mere rtet me 89 number he ,meri categary general hai our me v.m. hu kya me prabodak bharti me shamil ho sakunga k nahi

  11. Parbodhak bharti 2013
    B.A + STC/B.ED
    5 YEAR TEAC. Exp.
    RTET me 55%
    ONLY DIRECT BHARTI OR INTERVIEW KE 30 MARKS 4 GOVt. employee( v.m /pera./ madrsa/ s.krmi)
    20 marks for pri.techer

  12. योग्य हों या अयोग्य, संविदा शिक्षकों के खाली पद तत्काल भरो: भारत सरकार के निर्देश
    नई दिल्ली। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए योग्य उम्मीदवारों की कमी से जूझ रहे 13 राज्यों को केंद्र सरकार ने कहा कि वे पूर्व में प्रदान की गई छूट के अनुरूप तय समय में शिक्षकों की भर्ती करें। वर्ना छूट की सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कहना है कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत योग्य शिक्षक नहीं मिलने पर केंद्र सरकार कानून की धारा 23 की उपधारा-2 के तहत राज्यों को छूट दे सकती है।

    लेकिन यह छूट सिर्फ एक बार दी जा सकती है। हाल में एक प्रेस कांफ्रेस में मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू ने भी बताया कि अब तक 13 राज्य इस किस्म की छूट ले चुके हैं। 2011 एवं 2012 के दौरान ऐसी छूट दी गई थी। आखिरी बार 17 अक्टूबर 2012 में उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश को इस प्रकार की छूट दी गई थी। उसके बाद किसी राज्य ने इस किस्म की छूट के लिए आवेदन नहीं किया था।

    मंत्रालय के अनुसार राज्यों ने अपनी-अपनी जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग छूट मांगी थी जो उन्हें 31 मार्च 2014 और कुछ राज्यों को 31 मार्च 2015 के लिए प्रदान की गई है। इसके बाद छूट खत्म हो जाएगी। बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, असोम, मणिपुर, नगालैंड, मेघालय और त्रिपुरा की समस्या एक जैसी थी। इन राज्यों में डिग्रीधारी शिक्षकों की कमी थी। इसलिए इन राज्यों को पांचवीं कक्षा तक के लिए 12वीं पास और 6-8वीं कक्षा के लिए ग्रेजुएट उम्मीदवारों को बिना पेशेवर कोर्स के शिक्षक नियुक्त करने की इजाजत दी गई।

    लेकिन ऐसे शिक्षकों को दो साल के भीतर पत्राचार के जरिये आवश्यक पेशेवर योग्यता हासिल करनी होगी।
    यूपी की स्थितिः यहां प्राइमरी प्रशिक्षित शिक्षकों-डीएड की कमी है, जबकि बीएड डिग्रीधारी बड़े पैमाने पर हैं। लेकिन एनसीटीई के नियमों के अनुसार बीएड डिग्रीधारियों को प्राइमरी टीचर नियुक्त नहीं किया जा सकता। इसलिए यूपी ने विशेष रूप से उन्हें प्राइमरी शिक्षक नियुक्त करने की अनुमति मांगी थी जो अक्टूबर में उसे प्रदान कर दी गई। अन्य राज्य उत्तराखंड के लिए भी करीब-करीब यही स्थिति थी।

    जबकि हिमाचल प्रदेश में बीएड की कमी है। उसने छह से आठवीं कक्षाओं के लिए हिन्दी एवं संस्कृत के गैर बीएड शिक्षक नियुक्त करने की अनुमति मांगी थी जो उसे प्रदान कर दी गई। क्या कहता है मंत्रालयमानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा कि 12वीं योजना में शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के विस्तार के लिए 6300 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे डिस्ट्रिक इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर एजुकेशन एंड ट्रेनिग (डाइट), कालेज ऑफ टीचर एजुकेशन (सीटीई), इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज (आईएएसई) तथा ब्लाक इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर एजुकेशन (बीआईटीई) की स्थापना की जाएगी।

    साथ ही उपरोक्त श्रेणियों में खुले मौजूदा संस्थानों को भी अपग्रेड किया जाएगा। ताकि बेहतर शिक्षक तैयार किए जा सकें। स्कूलों में करीब पांच लाख अनट्रेंड टीचर हैं और लाखों शिक्षकों की भर्ती होनी है।

  13. a.k. percentage aur comptition alag alag cheje hai.agle tet me hamse 20 din pahle mil lena apko 90 marks par karne ke tips batayege.

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