Vidyarthi Mitra

नव-वर्ष की हार्दिक सुभकामनाएँ
नव-वर्ष आप सभी के लिए खुशियों की सौगात लेकर आए

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23,773 thoughts on “Vidyarthi Mitra

  1. es blog ki asi tasi karthi koi kh tha h vm hi nahi h koi galiya liktha h kya sanskar h adyapko k sarm ani chaiy yaro v.s jab banoge tab banoge bhi lado to mat

  2. में 2008से सुमेरपुर ब्लॉग में ups स्कूल में लगा था।30मार्च 2014तक काम किया ।ma bed हु। पाली dist से हु।सबसे बड़ी बात स्व दुर्गेश सिंह देवड़ा का मित्र था।बहुत दुःख होता हैं जब अपने भाई फर्जी कहते हैं।
    सत्य बात भी कडवी लगती हैं तो माफ़ करना बिश्नोई भाई

  3. मुझे तो क्या शायद कोई भी vm ऐसा नहीं होगा जो इस सरकार से पूरी तरह नहीं भर चूका हैं।रोज के बयान बदलना और ओक्सिजन पे रखना vm को।
    दोस्तों अब काम देख लो। इसी में भलाई हैं। नहीं तो हम पे दुनिया और हसेगी। जून में काम होगा नहीं 2018में।
    ब्लॉग बंद कर दो सुनिताजी

  4. all vm milkr teri ma or bahan ko chodenge sath me teri/sunita gand marenge tb tujgje pata chalega sale harami ke olad

  5. ramesh bhai vitt vibhag ki sweekrati k bad b nimabali banai ja sakti h kya?

    vikash bhai apki etv wali news sahi h mene fesbook pr tv skrin ki lain pad li h , apke upr co.karne ke liye mafi chahta hu.

  6. He! banik mahoday sabhi cheez aik hi tarazu me nahi toli jati
    vidyalay sahayak fb par mews ki picks lagi hai.
    vit vibhag seva niyam nahi banata lekin svikrity dene se pahale niyam ko legaly accept karna usi ka bhi dayitv hai.

  7. vikash bhai ab mitro ko dhoka mt do kya apke ghar spesal etv news lagi h? Kya aap unka nam batayenge jo cm se mile. Cm se kis samay aur kaha mile aur ye bi bataye ki vitt vibhag kab se seva niyam banane lag gaya?
    q. By mukesh garg dholpur

  8. mitro aap pk ko andolan ke liye kyo bar bar pr lalkar rahe ho?kya aap nahi chahte ki pk vs bane? Kya aapko nahi pata ki pk pr sarkar ka kitna dabav h? Kya nahi pata ki pk pr kitni fir darz h? Mitro andolan k liye khud nikalkr bahr kyo nahi aa jate!! Andolan jaruri nah ki jaipur me hi ho,jilon me bi to kiya ja sakta h.

  9. All VM become a unity like a GURJER andolan.and make a high perressure on the Rajasthan govt.as a gurjer community. Than we will find our legal demand.We should take a dicission for andolan very soon.Otherwise we should not found our aim.

  10. सीनियर सैकंडरी के बाद सीधे कर सकेंगे बीएड
    2015-05-27 04:02:51
    Text resize: A+ A-
    कोटा । शिक्षक बनने की चाहत रखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब सीनियर सैकंडरी के बाद सीधे बीएड कर सकेंगे। नए शैक्षणिक सत्र से स्नातक के साथ बीएड का एकीकृत पाठ्यक्रम शुरू करने को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने हरी झंडी दे दी है।
    इसके साथ ही बीएड और एमएड का एकीकृत पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए भी एनसीटीई ने अधिसूचना जारी कर दी है। एनसीटीई इस शैक्षणिक सत्र से सीनियर सैकंडरी पास कर चुके छात्रों के लिए दो नए बीएड कोर्स संचालित करने जा रही है।
    पहला प्रारंभिक शिक्षा के स्नातक (बीएलएड) और दूसरा एकीकृत स्नातक शिक्षा (बीएबीएड या बीएससीबीएड)। दोनों पाठ्यक्रम चार-चार साल के होंगे। 12वीं में कम से कम पचास प्रतिशत वाले विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। हालांकि प्रवेश मेरिट के आधार पर ही होगा।
    विशेषज्ञ अध्यापक मिलेंगेबीएलएड के जरिए सरकार का इरादा कक्षा एक से आठ तक के विशेषज्ञ अध्यापकों की कमी पूरा करना है। इस पाठ्यक्रम के जरिए ऐसे शिक्षक तैयार किए जाएंगे जो तकनीकि रूप से बच्चों को पढ़ाने और उनकी हर शैक्षणिक समस्या को दूर करने में माहिर होंगे जबकि बीएबीएड या बीएससीबीएड के जरिए विषय विशेषज्ञ शिक्षक तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। इस कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों को स्नातक पाठ्यक्रम के साथ अध्यापक शिक्षा का ज्ञान दिया जाएगा।
    एक कोर्स में दो डिग्री एनसीटीई ने बीते साल बीएड और एमएड के पाठ्यक्रम की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष कर दी थी। पढ़ाई का समय दो साल से बढ़कर चार साल होने के कारण शोध और अध्यापक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों ने कदम खींचना शुरू कर दिया था। इसे रोकने के लिए एनसीटीई अब सिर्फ तीन साल की पढ़ाई करने पर ही बीएड और एमएड की एकीकृत डिग्री जारी कर देगी। एक कोर्स में दो डिग्रियों देने वाले इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई हालांकि क्रेडिट बेस्ड सिस्टम के जरिए होगी।
    एकल बीएड कॉलेजों का दौर होगा खत्मपरिषद की बैठक में शामिल होकर आए वद्र्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रजनी रंजन सिंह ने बताया कि एनसीटीई अब बहुविषय संचालित करने वाले शैक्षणिक संस्थानों में ही बीएड पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति देगी, ताकि विशेषज्ञ शिक्षक हासिल करने के लिए बीएलएड, बीएबीएड और बीएससीबीएड पाठ्यक्रम का आसानी से संचालन हो सके। सिर्फ बीएड कोर्स संचालित करा रहे कॉलेज इस पाठ्यक्रम का संचालन नहीं कर सकेंगे और उन्हें अपने स्टे्रक्चर में बदलाव करते हुए धीरे-धीरे बहुविषयों के अध्यापन की व्यवस्था करनी होगी। इस बाबत भी एनसीटीई ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
    इस खबर पर अपनी राय दीजिये

  11. ETV News 6:26 pm
    विद्यार्थी मित्र संघ के नेता मिले C.M. राजे से !
    नियमित करने का मिला आश्वासन !
    वित्त विभाग बना रहा है नियम !
    नियम बनने के बाद नियमितिकरण की प्रक्रिया होगी शुरू !
    जय RVMSS

  12. संस्कृत शिक्षाविभाग ने विघार्थी मित्र ने कब तक काम किया उसका विवरण उदयपुर संम्भाग में सम्भागीय शिक्षा अधिकारी ने पूरी रिर्पोट सभी संस्कृत स्कुलो से मंगवाई है।अधिकारी से बात करने पर कहा कि सरकार ने विघार्थी मित्र की सुचना मंगवाई है।
    विक्रम सिंह सिसोदिया [विघार्थी मित्र बाँसवाङा]
    9928164478

  13. सही बात ये हे दोस्तों की हम सभी घर बेठे स्थाई होना चाहते हे। ये संभव नहीं हे। ज्ञापन देने;धरना देते वक्त नाम मात्र के vm भाई आते हे। इससे हमारा कम रुक रहा हे। एक बार सभी को संगर्ष में भाग लेना पड़ेगा। सरकार को हमारी ताकत बतानी पड़ेगी तभी विज्ञप्ति आयेगी।

  14. Jao n kort kisne roka h tumhe abhi Jane me faida h vigapti ane par tumse vs ka balbhi baka nhi hoga ye bat acchi tra samaj Lena phir tumhari marji lgao jor kisika bhla nhi kar sko to bura bhi mat kro VM to deri se hi shi par vs jrur banege par tum dusro ka bura kroge to khud ka bura hoga apko ustime kisne roka tha VM ke pad par lgne ke liye tumko pata h humne 6_7 sal apna kimti smay v jindgi is alp vetan me gujara h ydi fresar ye karna chahte h to cm jrur samvidha bhirti nikalegi usme ap joing karna or apna kimti smay lgana tab pata chlega ki Hume dusro se jalne ki bajay help karni chye ab ap ki Marji h jay rvmss

  15. We are still willing to wait for a few days more for an announcement in this regard. If by the end of this month if they do not do anything we will go for an agitational approach

    • There have been several meetings with the educATION minister and several promises made but each time the vidharthi mitr community has been let down.

      • We must take recourse to a more tough approach if we have to force the government to concede to our legitimate demands

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